नई दिल्ली | सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की अपर सचिव श्रीमती मोना के. खंडार ने उत्तराखंड के रायवाला में स्थित सरकारी नशामुक्ति केंद्र का दौरा किया। सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ यूथ एंड मासेस (एसपीवाईएम) द्वारा संचालित इस केंद्र पर उन्होंने वहां रह रहे लोगों से बातचीत की और उनके अनुभवों तथा चलाए जा रहे पुनर्वास कार्यक्रमों की जानकारी ली।
पारंपरिक पद्धतियों और चिकित्सा का समन्वय
दौरे के दौरान श्रीमती खंडार ने आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों को नशामुक्ति कार्यक्रमों में शामिल करने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि रायवाला केंद्र का यह अनुभव भविष्य में पायलट परियोजनाओं के लिए एक शुरुआती बिंदु बन सकता है, बशर्ते इनकी सुरक्षा और प्रभावशीलता का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाए।
पुनर्वास सेवाओं में मानवीय दृष्टिकोण
एसपीवाईएम के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र में योग, एक्यूप्रेशर, मसाज और मड थेरेपी जैसी गतिविधियां संचालित की जाती हैं जो चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं बल्कि उनका पूरक हैं। अपर सचिव ने पारदर्शी प्रक्रियाओं, योग्य पेशेवरों और सुरक्षित माहौल पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति सम्मान और करुणापूर्ण देखभाल का हकदार है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











