नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की महापरिषद की 93वीं बैठक नई दिल्ली स्थित निगम के मुख्यालय में आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। बैठक के दौरान निगम की वित्तीय और संस्थागत उपलब्धियों के साथ-साथ सहकारी क्षेत्र के विस्तार और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
एनसीडीसी की उपलब्धियां और वित्तीय प्रगति
बैठक में पिछले पांच वर्षों के दौरान NCDC के कामकाज की सराहना की गई और इस अवधि को निगम के लिए स्वर्णिम काल बताया गया। सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद से अक्टूबर 2026 तक NCDC द्वारा देशभर की सहकारी संस्थाओं को संचयी रूप से 4,14,586 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निगम ने 1,55,408 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी और 1,27,596 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का संवितरण किया। इसी समयावधि में निगम का शुद्ध लाभ 1,475 करोड़ रुपये रहा, जबकि ऋण वसूली दर 99.84 प्रतिशत दर्ज की गई और नेट NPA शून्य रहा।
भविष्य का रोडमैप और पूर्वोत्तर के लिए योजनाएं
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने अगले 25 वर्षों के लिए NCDC का एक व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत संस्थागत ढांचे, पूंजी जुटाने के माध्यमों और कार्यप्रणाली में आवश्यक बदलावों पर विचार करने को कहा गया। साथ ही, वर्ष 2030 तक पूर्वोत्तर को पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष परियोजनाएँ तैयार करने पर जोर दिया गया, जिससे क्षेत्र की आय में लगभग 32,800 करोड़ रुपये की वृद्धि और करीब आठ लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB









