नई दिल्ली | सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित मंत्रालय के मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान ‘निवारक सतर्कता और सरकारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार से निपटने में सतर्कता प्रशासन की भूमिका’ विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और जवाबदेही को बढ़ावा देना था।
केंद्रीय सतर्कता आयोग की निदेशक का संबोधन
केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की निदेशक श्रीमती तमन्ना सिन्हा ने इस व्याख्यान को प्रस्तुत किया। उन्होंने सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निवारक सतर्कता के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। श्रीमती सिन्हा ने भ्रष्टाचार के संभावित जोखिमों की पहचान करने, संस्थागत तंत्र को मजबूत बनाने और लोक सेवा में नैतिक आचरण को बढ़ावा देने के लिए सतर्कता प्रशासन की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं की कमजोरियों को पहचानने और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के प्रति जागरूक किया।
कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी और नई प्रतिबद्धता
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सत्र में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रशासनिक, वित्तीय, खरीद, स्थापना, कानूनी और सतर्कता संबंधी मामलों से जुड़े कर्मचारियों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया क्योंकि वे नियमों के अनुपालन और पारदर्शिता में अहम भूमिका निभाते हैं। इस संवादात्मक सत्र ने प्रतिभागियों को दैनिक कार्यों में निवारक सतर्कता के व्यावहारिक अनुप्रयोग की समझ दी। कार्यक्रम का समापन लोक सेवा में शुचिता और नैतिक आचरण बनाए रखने की नई प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











