नई दिल्ली | भारत मंडपम में आयोजित “इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव” (ईएसटीआईसी) 2026 का समापन सत्र केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह के संबोधन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने प्रौद्योगिकी के माध्यम से देश में बदलाव लाने का आह्वान किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लिए स्पष्ट और तय लक्ष्यों पर काम करने के सुझाव को दोहराया। कार्यक्रम में वैज्ञानिक खोजों को केवल प्रयोगशाला तक सीमित न रखकर उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग पर जोर दिया गया ताकि राष्ट्रीय विकास में इनका सीधा योगदान सुनिश्चित किया जा सके।
दो महत्वपूर्ण दस्तावेजों का विमोचन और प्रमुख प्रस्तुतियां
समापन सत्र के दौरान विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए राष्ट्रीय दृष्टिकोण का नेशनल विजन डॉक्यूमेंट और ‘इंडिया: साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन आउटलुक 2026’ नामक दो ऐतिहासिक दस्तावेजों को जारी किया गया। इन दस्तावेजों में 12 मंत्रालयों और विभागों की दीर्घकालिक प्राथमिकताओं को शामिल किया गया है। इस सत्र में प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय के. सूद, डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलाईसेल्वी, डीबीटी के सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले, डीएसटी के सचिव प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे, एमओईएस के सचिव डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक उपस्थित रहे। विभिन्न सत्रों में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, महासागर विज्ञान, सिंथेटिक बायोलॉजी, रोबोटिक्स और कृषि-प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
अनुसंधान, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत सहयोग
डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वदेशी अनुसंधान, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत तालमेल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि तकनीकों को समयबद्ध तरीके से सामाजिक समाधानों में बदला जा सके। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी, स्पेस मेडिसिन, न्यूक्लियर मेडिसिन और ब्लू इकोनॉमी के क्षेत्रों में भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने स्टार्ट-अप पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ईएसटीआईसी से निकले विचार और सिफारिशें एक एकीकृत नवाचार इकोसिस्टम के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। यह सम्मेलन वैज्ञानिक उत्कृष्टता को औद्योगिक स्वीकार्यता और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने का एक बड़ा मंच साबित हुआ है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











