नई दिल्ली | श्रम और रोजगार मंत्रालय के रोजगार महानिदेशालय के अंतर्गत आने वाले दिव्यांगों के लिए राष्ट्रीय करियर सेवा केंद्र (एनसीएससी-डीए) ने देश भर के अपने केंद्रों में प्रशिक्षित विकलांग व्यक्तियों के कौशल और उत्पादों को प्रदर्शित करने के वास्ते एक भव्य दिवाली मेले का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग प्रशिक्षुओं और पूर्व-छात्रों की छिपी हुई रचनात्मकता और व्यावसायिक दक्षता को एक साझा मंच प्रदान करना था।
विभिन्न शहरों के उत्पादों का प्रदर्शन और स्टॉल
इस मेले में दिल्ली, तिरुवनंतपुरम, देहरादून, भुवनेश्वर, कोलकाता और मुंबई में स्थित एनसीएससी-डीए केंद्रों के प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार की गई वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में जूट व कपड़े के बैग, मोमबत्तियां, इलेक्ट्रॉनिक सामान, पेंटिंग, साबुन, क्रोकेट उत्पाद, ड्रेस मेकिंग व कपड़ा सामग्री, बुनाई, कढ़ाई, लकड़ी के काम और कई प्रकार के सजावटी उत्सव उत्पाद शामिल रहे। इन स्टॉलों के माध्यम से प्रतिभागियों को आगंतुकों से सीधे बातचीत करने, मूल्यवान प्रतिक्रिया पाने और बिक्री तथा स्वरोजगार के नए अवसरों का पता लगाने का अवसर मिला।
भविष्य की योजनाएं और व्यावसायिक पुनर्वास
श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने इस अवसर पर कहा कि यह मेला कौशल विकास और आर्थिक स्वतंत्रता के जरिए दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है। वर्तमान में देश भर में 24 एनसीएससी-डीए केंद्र करियर परामर्श, व्यावसायिक मार्गदर्शन और अनौपचारिक प्रशिक्षण जैसी सेवाएं दे रहे हैं। मंत्रालय की योजना इस दिवाली मेले को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक व्यापक रूप से विस्तारित करने की है ताकि अधिक से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दिव्यांग कारीगरों को अपनी कला दिखाने का मौका मिल सके।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB






