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दूरसंचार विभाग ने ईएसटीआईसी 2026 में इंटेलिजेंट नेटवर्क्स सत्र का नेतृत्व किया

नई दिल्ली | दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने 28 अक्टूबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2026 के दौरान ‘इंटेलिजेंट नेटवर्क्स एंड क्वांटम कम्युनिकेशन’ विषय पर आयोजित विशेष सत्र का नेतृत्व किया। यह कॉन्क्लेव 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुए इस सत्र में इंडस्ट्री और शिक्षा जगत के विशेषज्ञ एक साथ आए, ताकि उभरती संचार प्रौद्योगिकियों और एक सुरक्षित, इंटेलिजेंट व मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में उनकी भूमिका पर चर्चा की जा सके। अपने शुरुआती संबोधन में दूरसंचार विभाग के सचिव, श्री अमित अग्रवाल ने बताया कि 1.2 अरब मोबाइल नेटवर्क कनेक्शनों और लगभग हर जिले में 5जी सेवाओं के साथ भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े और सबसे किफायती टेलीकॉम नेटवर्कों में से एक है।

तकनीकी सत्र और प्रमुख प्रस्तुतियां

कीनोट एड्रेस देते हुए तेजस नेटवर्क लिमिटेड के अध्यक्ष, श्री एन. जी. सुब्रमण्यम ने ‘इंजीनियरिंग इंटेलिजेंट, पोस्ट-क्वांटम नेटवर्क: ऑटोनॉमस एंड ट्रस्टेड’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रेखांकित किया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम-सेफ टेक्नोलॉजी और ब्लॉकचेन एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। सत्र के दौरान ईसियोफाई सॉल्यूशंस की सुश्री मीनल गुप्ता और सिग्नलचिप इनोवेशंस के श्री हिमांशु खासनिस ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। इसके अलावा, सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय के संचालन में एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली, एचएफसीएल, रिलायंस जियो और भारत 6जी एलायंस के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

प्रदर्शनी और भविष्य की रूपरेखा

इस कॉन्क्लेव में दूरसंचार विभाग की भागीदारी केवल विषयगत सत्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि तकनीक और जन-संपर्क प्रदर्शनों तक विस्तारित थी। थीमैटिक स्टॉल पर सी-डॉट और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने संयुक्त रूप से क्वांटम संचार और मिशन क्रिटिकल सर्विसेज से संबंधित प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया। साथ ही, डीओटी ने ‘संचार साथी’ और ‘समृद्ध ग्राम’ पहलों को भी प्रदर्शित किया। इस अवसर पर जारी विज़न डॉक्यूमेंट में स्वदेशी 6जी तकनीकों, एआई-नेटिव नेटवर्क, राष्ट्रीय क्वांटम-सुरक्षित संचार नेटवर्क और साइबर-रेज़िलिएंस जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई, जो भारत के भविष्य के टेलीकॉम इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे।

Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India

Photo: PIB

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