नई दिल्ली | केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने नई दिल्ली में ‘विकसित भारत बिल्डाथॉन (वीबीबी) 2025’ की राष्ट्रीय स्तर की 10 विजेता टीमों और नवोन्मेषकों को सम्मानित किया। इस प्रतियोगिता को 2,87,967 परियोजना प्रविष्टियों के साथ “सबसे बड़ी नवाचार समाधान प्रतियोगिता” के रूप में गिनीज वर्ल्ड Records का प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने ‘उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत शिक्षक शिक्षा संस्थानों के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए।
बिल्डाथॉन और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की उपलब्धि
शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग और एआईसीटीई के सहयोग से आयोजित इस पहल का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मक समस्या-समाधान को बढ़ावा देना था। इस प्रतियोगिता में ‘आइडिया’ और ‘प्रोटोटाइप’ श्रेणियों के तहत कुल 2,87,967 परियोजना प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। राष्ट्रीय स्तर पर जीतने वाली 10 टीमों को कुल ₹17.50 लाख का नकद पुरस्कार दिया गया, जिसमें प्रोटोटाइप श्रेणी की शीर्ष 5 टीमों को ₹2,50,000 और आइडिया श्रेणी की 5 टीमों को ₹1,00,000 प्रत्येक दिए गए। सम्मानित किए जाने वाले विजेता असम, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, जम्मू और कश्मीर, केरलम, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से थे।
ई-कचरा प्रबंधन और उल्लास कार्यक्रम के नए दिशानिर्देश
कार्यक्रम के दौरान ई-कचरे की चुनौती पर चर्चा करते हुए स्कूली छात्रों को इसके प्रबंधन में शामिल करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, ‘उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत शिक्षक शिक्षा संस्थानों (टीईआई) के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए। इन दिशानिर्देशों के अनुसार, एनसीटीई-मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्र-शिक्षकों को ‘स्वयंसेवक शिक्षक’ के रूप में कार्य करना होगा और प्रत्येक छात्र-शिक्षक को 5 से 8 असाक्षर लोगों को साक्षर बनाकर उनका प्रमाणन प्राप्त करना होगा, जिसके एवज में उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट प्रदान किए जाएंगे।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB









