नई दिल्ली | नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) देश में इलेक्ट्रॉनिक कचरे यानी ई-कचरे को प्रभावी ढंग से इकट्ठा करने, अलग-अलग करने और उसके उचित निपटान के लिए लगातार विशेष प्रयास कर रहा है। स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और कार्यालय के संसाधनों के कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देने के मकसद से यह महत्वपूर्ण गतिविधि चलाई जा रही है। यह पूरी पहल लंबित मामलों के निपटान के लिए चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान 6’ यानी एससीडीपीएम 6 के अंतर्गत आती है, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल को बेहतर बनाना और पर्यावरण के अनुकूल अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
नीलामी के जरिए 5,337 ई-कचरा वस्तुओं का निपटान
इस विशेष अभियान के अंतर्गत मंत्रालय द्वारा निपटान के लिए कुल 5,337 पुरानी और ई-कचरा वस्तुओं की पहचान की गई थी। इन सभी पुरानी और ई-वेस्ट वस्तुओं का निस्तारण नीलामी के माध्यम से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से न केवल सरकारी कार्यालयों में राजस्व की प्राप्ति हो रही है, बल्कि उपयोग न होने वाली वस्तुओं के हटने से कार्यालय में उपलब्ध जगह का भी बहुत बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। इस पूरी निपटान प्रक्रिया के जरिए अब तक 11,40,220/- रुपये का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है और लगभग 600 वर्ग फुट जगह पूरी तरह से खाली हो गई है।
स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता
यह पूरा अभियान पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामानों की व्यवस्थित पहचान करने, उन्हें उनके प्रकार के अनुसार अलग करने और फिर उनके जिम्मेदार तरीके से निपटान करने पर बहुत अधिक जोर देता है। इसके माध्यम से कार्यालय की जगह के बेहतर उपयोग के साथ-साथ कार्यस्थल की बेहतरीन व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। इन सभी निरंतर और प्रभावी प्रयासों के जरिए मंत्रालय ‘विशेष अभियान 6’ के तहत स्वच्छता, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार अपशिष्ट प्रबंधन और कुशल प्रशासनिक कार्यप्रणालियों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को पूरी तरह से दोहराता है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











