नई दिल्ली | सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित 08 दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026 असम की राजधानी गुवाहाटी के खानापारा स्थित फार्म गेट में सफलतापूर्वक चल रहा है। 21 अक्टूबर को शुरू हुए इस मेले में पिछले पांच दिनों से आसपास के इलाकों से हज़ारों दर्शक पहुंच रहे हैं। यह मेला सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला हुआ है और 28 अक्टूबर बुधवार तक चलेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान आयोजित होने वाला यह श्रृंखला का दूसरा मेला है, जिसका पहला संस्करण मैसूर के दशहरा प्रदर्शनी मैदान में 19 अक्टूबर को संपन्न हुआ था।
कारीगरों को मिल रहा सीधा मंच और बेहतर आय
इस मेले में देश के विभिन्न हिस्सों और पूर्वोत्तर राज्यों के कुल 75 कारीगर हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 31 महिला कारीगर भी शामिल हैं। ये सभी कारीगर लगभग 40 तरह के विशिष्ट, रंगीन और पारंपरिक हस्तशिल्प तथा हथकरघा उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। मेले के माध्यम से ग्राहकों को सीधे उत्पाद खरीदने का अवसर मिल रहा है जिससे दुकानदारों और कारीगरों की आय में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा, आगंतुक पूर्वोत्तर राज्यों के कलाकारों के पारंपरिक संगीत और नृत्य कार्यक्रमों का भी आनंद ले रहे हैं।
आर्थिक सशक्तीकरण और भारत-ट्यूलिप पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास” के दृष्टिकोण से प्रेरित यह मेला अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, सफाई मित्रों और विमुक्त जनजातियों से जुड़े कारीगरों के आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रहा है। मेले का मुख्य केंद्र ‘भारत-ट्यूलिप’ पहल को बढ़ावा देना है, जिसका उद्देश्य कारीगरों के उत्पादों को दुकानों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री के लिए सुलभ बनाना है। यह आयोजन एनएसएफडीसी, एनएसकेएफडीसी और एनबीसीएफडीसी के लाभार्थियों को विपणन सहायता प्रदान करता है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











