नई दिल्ली | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) अपने केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसयू) और स्वायत्त संस्थानों के साथ मिलकर विशेष अभियान 6 को बहुत ही सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों के भीतर स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और लंबित मामलों को कम से कम करना है। इस राष्ट्रव्यापी चरण की शुरुआत 2 अक्टूबर 2026 को हुई थी, जो आगामी 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी ऊर्जा के साथ जारी रहेगी। मंत्रालय अपने सभी संबद्ध निकायों के साथ इस अवधि के दौरान निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार जुटा हुआ है।
लगभग 60 से 70 प्रतिशत लक्ष्यों की प्राप्ति
मंत्रालय और उसके तमाम संबद्ध संगठनों ने मिलकर अपने तय किए गए लक्ष्यों के मुकाबले लगभग 60-70 प्रतिशत तक की सराहनीय प्रगति दर्ज की है। इस व्यापक अभियान के अंतर्गत कार्यालय परिसरों, गलियारों और कैंटीन क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, कागजी दस्तावेजों या भौतिक अभिलेखों की गहन समीक्षा और उनकी छंटाई का काम भी तेजी से किया जा रहा है ताकि दफ्तरों में जगह का सही उपयोग हो सके। अनुपयोगी सामग्रियों को हटाने के साथ-साथ निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ई-कचरे की पहचान कर उसका उचित निपटान भी किया जा रहा है ताकि कार्यस्थल पूरी तरह से स्वच्छ और व्यवस्थित बने रहें।
विभिन्न संस्थानों की सक्रिय भागीदारी
इस बड़े अभियान को सफल बनाने में मंत्रालय के साथ-साथ कई प्रमुख सीपीएसयू और स्वायत्त संस्थान पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। इनमें मुख्य रूप से भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (इरेडा) और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेकी) जैसे केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (एनआईएसई), राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (एनआईडब्ल्यूई) और सरदार स्वर्ण सिंह राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा संस्थान (एसएसएस-एनआईबीई) जैसे तीन स्वायत्त संस्थान भी इसमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय आगामी 31 अक्टूबर 2026 तक अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करने और इस निर्धारित अवधि के समाप्त होने के पश्चात भी कार्यस्थल पर स्वच्छता, जवाबदेही तथा कुशल प्रबंधन की इस संस्कृति को निरंतर बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











