नई दिल्ली | वस्त्र मंत्रालय ने 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक संचालित किए जा रहे विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत वस्त्र समिति के महत्वपूर्ण कार्यों और समर्पित प्रयासों को साझा किया है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यालयों में संस्थागत स्वच्छता को बढ़ावा देना, अभिलेखों का बेहतर प्रबंधन करना, लंबित मामलों का त्वरित निपटान करना और सतत कार्यप्रणालियों को अपनाना है। वस्त्र समिति ने अपने परिसरों में कार्यस्थल की स्वच्छता सुधारने, कार्यालयों के स्थान का सही उपयोग करने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे सहित अनुपयोगी सामग्रियों का समय पर निस्तारण करने में खास भूमिका निभाई है। समिति की इन पहलों से प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही दोनों को मजबूती मिली है।
साप्ताहिक गतिविधियां और अभिलेख प्रबंधन
अभियान के पहले चरण यानी 2 से 9 अक्टूबर, 2026 के बीच अभिलेख प्रबंधन और स्थान की योजना पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दौरान अभिलेख कक्षों, भंडारण रैकों की सफाई की गई और फाइलों व दस्तावेजों को करीने से व्यवस्थित किया गया ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत ढूंढा जा सके। इसके बाद 10 से 16 अक्टूबर के दौरान कार्यालय परिसरों से कबाड़, गत्ते के डिब्बे, पुराने कार्टन और अन्य बेकार सामान हटाए गए। वस्त्र समिति के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में भी इसी तरह का अभियान चलाया गया, जिससे कार्यालयों में पर्याप्त जगह खाली हुई और कामकाज का माहौल सुधरा।
कचरा निपटान से भारी राजस्व प्राप्ति
अभियान के तीसरे सप्ताह यानी 17 से 23 अक्टूबर, 2026 के बीच बड़े पैमाने पर कबाड़ और अनुपयोगी सामग्रियों का निपटान किया गया। इसमें पैकेजिंग सामग्री, अपशिष्ट प्लास्टिक और बचे हुए नमूने शामिल थे, जिनके निस्तारण से वस्त्र समिति को कुल 4,38,444 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह पहल न केवल साफ-सुथरे कार्यस्थलों के निर्माण में मददगार साबित हुई, बल्कि संसाधनों के जिम्मेदार और कुशल प्रबंधन को भी बढ़ावा देती है। वस्त्र मंत्रालय ने अपने सभी अधीनस्थ संगठनों और संस्थानों को इस अभियान से सीख लेते हुए भविष्य में भी स्वच्छता और सुशासन के इन मानकों को निरंतर जारी रखने का आह्वान किया है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











