नई दिल्ली | संसदीय कार्य मंत्रालय ने ‘विशेष अभियान 6.0’ में अपनी भागीदारी को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह विशेष अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को स्थायी रूप से लागू करना और लंबित मामलों को कम करना था। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का लक्ष्य कार्यस्थल की स्वच्छता में सुधार लाना, रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत करना और कुशल प्रशासनिक कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना रहा है। मंत्रालय ने इस दौरान तय किए गए लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास किए।
रिकॉर्ड प्रबंधन और स्वच्छता की प्रमुख उपलब्धियां
अभियान के तहत मंत्रालय ने चिन्हित की गई सभी भौतिक फाइलों और ई-फाइलों की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा के लिए कुल 134 भौतिक फाइलें चिन्हित की गई थीं, जिनमें से 58 फाइलों को हटा दिया गया। इसके अलावा, 200 ई-फाइलों की समीक्षा के बाद 117 ई-फाइलों को पूरी तरह बंद कर दिया गया। स्वच्छता और कार्यस्थल प्रबंधन को दैनिक कामकाज का हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्रालय के सचिव और अपर सचिव के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न अनुभागों और कार्यालयों का निरीक्षण कर साफ-सफाई के मानकों का आकलन किया। इन सभी प्रयासों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने में काफी मदद मिली है।
डिजिटल और पेपरलेस शासन को बढ़ावा
मंत्रालय विभिन्न ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्मों के माध्यम से डिजिटल और पेपरलेस कामकाज को लगातार बढ़ावा दे रहा है। इन प्लेटफॉर्मों में ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस, कंसल्टेटिव कमेटी मैनेजमेंट सिस्टम, सबऑर्डिनेट लेजिस्लेशन मैनेजमेंट सिस्टम, नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन, ओएएमएस और नेशनल यूथ पार्लियामेंट पोर्टल शामिल हैं। ये सभी डिजिटल माध्यम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाते हैं और भौतिक रिकॉर्ड पर निर्भरता को कम करते हैं। इनमें ‘नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन’ विशेष रूप से राज्य विधानसभाओं के पेपरलेस कामकाज में मदद कर रही है, जिससे पर्यावरण अनुकूल शासन को प्रोत्साहन मिल रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह इन टिकाऊ तौर-तरीकों को अपने दैनिक कामकाज में जारी रखेगा।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











