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मन की बात में खादी की उपलब्धियों का जिक्र, केवीआईसी ने जताया आभार

पारंपरिक हथकरघा और वस्त्र निर्माण का दृश्य

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र की उपलब्धियों को रेखांकित किए जाने के बाद खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने इस एपिसोड के दौरान खादी उत्पादों की बढ़ती बिक्री पर विशेष प्रकाश डाला और देशवासियों से आगामी त्योहारों के समय स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की। केवीआईसी प्रमुख ने कहा कि यह संबोधन देश भर के लाखों बुनकरों, शिल्पकारों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का बड़ा स्रोत है।

खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का बढ़ता कारोबार और रोजगार

श्री मनोज गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री की निरंतर प्रोत्साहन नीतियों के कारण यह क्षेत्र अब केवल पारंपरिक पहचान तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रमुख जरिया बन गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इस क्षेत्र का कुल कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया, जिससे 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आयोग को पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के टर्नओवर के लक्ष्य को भी प्राप्त कर लेगा।

गांधी जयंती पर रिकॉर्ड बिक्री और स्वदेशी उत्पादों का बढ़ावा

केवीआईसी अध्यक्ष ने याद दिलाया कि 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के अवसर पर शुरू हुए ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पहले एपिसोड में प्रधानमंत्री ने नागरिकों से खादी खरीदने का आह्वान किया था, जिससे इस क्षेत्र को नई पहचान मिली। हाल ही में गांधी जयंती के अवसर पर एक ही दिन में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 28 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई है। केवीआईसी ने गुणवत्ता, नवाचार और युवाओं की भागीदारी के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का वादा किया है।

Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India

Photo: PIB

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