नई दिल्ली | भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के जहाज लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती के तहत 21 अक्टूबर 2026 को मालदीव की राजधानी माले पहुंच गए हैं। इस बेड़े में भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक बल का जहाज सारथी शामिल हैं। माले पहुंचने पर मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल द्वारा इस स्क्वाड्रन का बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया, जो दोनों देशों के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और गहरे क्षेत्रीय संबंधों को बखूबी दर्शाता है।
उच्च अधिकारियों से मुलाकात और प्रशिक्षण केंद्र का दौरा
बंदरगाह पर अपने ठहराव के दौरान, प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल के रक्षा प्रमुख और तटरक्षक बल के कमांडेंट के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस चर्चा के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखने और समुद्री क्षेत्र के विभिन्न आयामों में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करने के मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। इसके अलावा, स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी ने मालदीव में भारत के उच्चायुक्त श्री जी. बालासुब्रमण्यम से भी मुलाकात की। प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत स्क्वाड्रन के प्रशिक्षुओं ने गिरिफुशी प्रशिक्षण केंद्र का भी दौरा किया।
सांस्कृतिक गतिविधियां और द्विपक्षीय सहयोग
इस आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच आपसी तालमेल, समझ और भाईचारे को और अधिक गहरा करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम तय किए गए हैं। इनमें एक-दूसरे के जहाजों का दौरा करना, विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करना, सामाजिक मेल-मिलाप और जनसंपर्क से जुड़ी अनेक गतिविधियां शामिल हैं। यह पूरी यात्रा दोनों देशों के बीच बेहतर परिचालन तालमेल को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को उजागर करती है। यह पहल महासागर (क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) के दृष्टिकोण के तहत भारत और मालदीव के बीच लगातार बढ़ते हुए समुद्री सहयोग का एक प्रमुख उदाहरण है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











