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भारत-दक्षिण कोरिया नौसैनिक अभ्यास: आईएनएस सह्याद्रि बुसान बंदरगाह पहुंचा

समुद्र में तैरता हुआ भारतीय नौसेना का युद्धपोत

नई दिल्ली | भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस-सह्याद्रि आगामी भारत-दक्षिण कोरिया नौसेना (आईएन-आरओकेएन) द्विपक्षीय अभ्यास में हिस्सा लेने के उद्देश्य से 26 अक्टूबर, 2026 को दक्षिण कोरिया के बुसान नौसैनिक बंदरगाह पर पहुंच गया है। इस महत्वपूर्ण यात्रा का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को और अधिक मजबूत करना तथा दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना है। दक्षिण कोरियाई नौसेना ने इस अवसर पर भारतीय युद्धपोत का बेहद गर्मजोशी के साथ स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ रहे आपसी सहयोग और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

बंदरगाह चरण की गतिविधियां और पेशेवर संवाद

बंदरगाह पर आयोजित होने वाले शुरुआती चरण के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के कर्मी विभिन्न प्रकार की पेशेवर गतिविधियों में शिरकत करेंगे। इनमें पेशेवर संवाद स्थापित करना, एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा करना, संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों का संचालन करना और खेल आयोजनों में हिस्सा लेना शामिल है। इन सभी आयोजनों का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच परिचालन संबंधी अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना है, जिससे आपसी समझ और पेशेवर सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, आईएनएस सह्याद्रि के कमांडिंग अधिकारी दक्षिण कोरियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आधिकारिक मुलाकात भी करेंगे।

समुद्री चरण और रणनीतिक साझेदारी

बंदरगाह चरण के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद समुद्र में समन्वित समुद्री गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों में आईएनएस सह्याद्रि के साथ-साथ दक्षिण कोरियाई नौसेना का पोत आरओकेएस मुनमु द ग्रेट भी सक्रिय रूप से भाग लेगा। इन संयुक्त गतिविधियों के माध्यम से दोनों नौसेनाओं को अपना परिचालन समन्वय मजबूत करने, अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने और अपने पेशेवर संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे। यह पूरा अभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र के भीतर शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने में योगदान देने की दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। साथ ही, यह मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ पेशेवर संवाद और परिचालन सहयोग के जरिए दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने के भारतीय नौसेना के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।

Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India

Photo: PIB

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