नई दिल्ली | भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस तरकश दक्षिणी हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी नियमित तैनाती के क्रम में 30 अक्टूबर, 2026 को मॉरीशस के पोर्ट लुईस बंदरगाह पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह महत्वपूर्ण यात्रा भारत और मॉरीशस के बीच लगातार सशक्त हो रही समुद्री साझेदारी का एक मजबूत प्रतीक है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पेशेवर संवाद, संयुक्त गतिविधियों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अवसर मिलेंगे, जिससे नौसैन्य सहयोग को और अधिक गहराई मिलेगी।
संयुक्त प्रशिक्षण और तटरक्षक बल के साथ गतिविधियां
पोर्ट लुईस में अपने ठहराव के दौरान आईएनएस तरकश का चालक दल मॉरीशस तटरक्षक बल के कर्मियों के साथ कई तरह की साझा गतिविधियों में हिस्सा लेगा। इस कार्यक्रम में संयुक्त प्रशिक्षण भी शामिल है, जिसका मुख्य उद्देश्य परिचालन से जुड़े अनुभव और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों को साझा करना है। इसके साथ ही दोनों बलों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर करना और समन्वय को मजबूत बनाना है। इस यात्रा के दौरान सांस्कृतिक और सामुदायिक संपर्क से जुड़ी गतिविधियां भी तय की गई हैं, जिससे दोनों देशों के कर्मियों को एक-दूसरे से संवाद करने और संबंधों को प्रगाढ़ करने का मौका मिलेगा।
अप्रवासी दिवस समारोह में भागीदारी और रणनीतिक महत्व
यह पोत आगामी 2 नवंबर, 2026 को मॉरीशस के 192वें अप्रवासी दिवस के मौके पर आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। यह वार्षिक आयोजन 2 नवंबर, 1834 को पोर्ट लुईस स्थित अप्रवासी घाट पर भारत से पहुंचे अनुबंधित श्रमिकों के पहले जत्थे के आगमन की याद में मनाया जाता है। यह बंदरगाह यात्रा मॉरीशस के साथ भारत की दीर्घकालिक साझेदारी को दर्शाती है, जो आपसी विश्वास और साझा इतिहास पर टिकी है। इसके माध्यम से भारतीय नौसेना महासागर के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रही है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB











