नई दिल्ली | भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सितंबर 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश पूर्वी (यूपीई) एलएसए के अंतर्गत गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर शहरों में अपनी नियुक्त एजेंसी के माध्यम से कराए गए ‘इंडिपेंडेंट ड्राइव टेस्ट’ (आईडीटी) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य आम टेलीकॉम उपभोक्ताओं को सटीक जानकारी देना और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (टीएसपी) द्वारा प्रदान की जा रही वॉयस और डेटा जैसी मोबाइल नेटवर्क सेवाओं की वास्तविक गुणवत्ता का सत्यापन करना है।
ड्राइव टेस्ट का दायरा और परीक्षण के तरीके
ये महत्वपूर्ण टेस्ट ट्राई के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय की देखरेख में संपन्न हुए। यूपीई एलएसए क्षेत्र में ये ड्राइव परीक्षण 7 सितंबर 2026 से 10 सितंबर 2026 के बीच किए गए थे। इस दौरान गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में 367.7 किलोमीटर लंबी ‘सिटी ड्राइव’, गोंडा और बलरामपुर शहरों में 2.7 किलोमीटर का ‘वॉक टेस्ट’, तथा प्रयागराज से गोंडा और गोंडा से बहराइच के बीच 256 किलोमीटर की ‘हाईवे ड्राइव’ को शामिल किया गया। इन परीक्षणों के जरिए कवरेज गैप, वॉयस सेवाएं, कॉल साइलेंस की घटना और डेटा सेवाओं जैसे प्रमुख पैमानों पर नेटवर्क के प्रदर्शन को परखा गया।
प्रमुख पैरामीटर और डेटा प्रदर्शन के नतीजे
परीक्षण के दौरान विभिन्न शहरों में मोबाइल नेटवर्क के प्रदर्शन का अलग-अलग आकलन किया गया। उदाहरण के लिए, गोंडा शहर में औसत डाउनलोड स्पीड आरजेआईएल (5जी) के लिए 167.44 एसबीपीएस और एयरटेल (5जी) के लिए 94.98 एसबीपीएस दर्ज की गई, जबकि बहराइच और बलरामपुर में भी विभिन्न ऑपरेटरों के आंकड़े सामने आए। इन परीक्षणों से प्राप्त निष्कर्षों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को जागरूक करने के साथ-साथ ऑपरेटरों को उनकी सेवाओं में आवश्यक सुधार करने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि भविष्य में मोबाइल उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB






