नई दिल्ली | भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में लखनऊ के ताज होटल में दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता विकास एवं जागरूकता कार्यक्रम ‘श्रम संवाद’ का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम 26 और 27 अक्टूबर, 2026 को आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य नियोक्ताओं, मानव संसाधन, विधिक और वित्तीय पेशेवरों के बीच नई श्रम संहिताओं और नियमों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इस दो दिवसीय आयोजन में श्रम सुधारों, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को लेकर संस्थागत क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सत्रों में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग, मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), ईपीएफओ, ईएसआईसी और डीजीएलडब्ल्यू के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
पहले दिन श्रम सुधारों और तकनीकी सत्रों पर जोर
कार्यक्रम के पहले दिन श्रम सुधारों, सामाजिक सुरक्षा और राज्य के श्रम तंत्र पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री अनिल राजभर ने कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष कुमार गोयल ने स्वागत भाषण दिया। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार सचिव डॉ. चंद्र भूषण कुमार ने मुख्य संबोधन देते हुए श्रम संहिताओं की परिवर्तनकारी क्षमता और प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवा प्रदायगी पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्रों के दौरान उत्तर प्रदेश में श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अभिसरण, असंगठित तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म कामगारों तक इनके दायरे के विस्तार, और ई-श्रम तथा श्रम सुविधा पोर्टल जैसे डिजिटल मंचों पर विस्तार से चर्चा की गई।
दूसरे दिन अनुपालन और योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
दूसरे दिन के सत्रों में उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री मनोहर लाल मन्नू कोरी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। इस दौरान वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्यदशा संहिता 2020 के अंतर्गत अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं पर प्रस्तुतियां दी गईं। इसके अलावा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान बाल श्रम की रोकथाम और बंधुआ मजदूरी के मामलों में पुनर्वास पर भी समर्पित सत्र आयोजित हुआ। अंत में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा विकसित ‘नियोक्ताओं के लिए अनुपालन पुस्तिका’ साझा की गई और उत्तर प्रदेश ने राज्य के अन्य औद्योगिक जिलों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मंशा जताई।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB





