नई दिल्ली | राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने देश में अवैध सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी और अहम कार्रवाई को अंजाम दिया है। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक दूर-दराज के गांव में मादक पदार्थ बनाने वाली एक बड़ी गुप्त प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया गया है। इस संयुक्त अभियान में लगभग 1,100 किलोग्राम मादक पदार्थ, उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रिकर्सर केमिकल्स और भारी मात्रा में निर्माण उपकरण जब्त किए गए हैं। इस मामले में संलिप्त दो लोगों को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त प्रयोगशाला पर संयुक्त छापेमारी और जब्ती
डीआरआई अधिकारियों की एक बड़ी टीम ने पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश एटीएस की मदद से 29 अक्टूबर 2026 तड़के एक संदिग्ध स्थान पर संयुक्त अभियान चलाया। तलाशी के दौरान वहां सिंथेटिक ड्रग्स बनाने की एक पूरी तरह से तैयार और चालू अवैध इकाई पाई गई। इस दौरान लगभग 184 किलोग्राम अर्ध-निर्मित ड्रग्स, करीब 582 किलोग्राम कच्चे रसायन और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा आरोपियों के घरों की तलाशी लेने पर लगभग 15.4 किलोग्राम तैयार ‘मेथाक्वालोन’, लगभग 153 किलोग्राम रसायन और निर्माण प्रक्रिया की एक मशीन मिली। एक अन्य आरोपी के ठिकाने से लगभग 168 किलोग्राम कच्चे रसायन की एक और बड़ी खेप भी जब्त की गई।
मादक पदार्थों के नेटवर्क को करारा झटका
बड़ी मात्रा में तैयार मादक पदार्थ, अर्ध-तैयार सामग्री, कच्चे रसायनों और निर्माण उपकरणों की बरामदगी से यह स्पष्ट हुआ कि वहां एक संगठित और अवैध मादक पदार्थ निर्माण का कारोबार चल रहा था। इस बड़ी कार्रवाई ने अवैध ड्रग्स के तंत्र और उसकी आपूर्ति श्रृंखला को एक बहुत बड़ा झटका दिया है। एक गुप्त निर्माण इकाई को नेस्तनाबूद करके और सिंथेटिक मादक पदार्थ के उत्पादन को रोककर इस अवैध नेटवर्क को काफी कमजोर कर दिया गया है। डीआरआई नशीले पदार्थों और मनोतेजक पदार्थों की तस्करी से सख्ती से निपटने तथा गुप्त ड्रग निर्माण नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB









