नई दिल्ली | राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने त्रिची स्थित वायु खुफिया इकाई (AIU) के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। त्रिची अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चलाए गए एक समन्वित अभियान के दौरान अधिकारियों ने भारत में हो रही वन्यजीवों की अवैध तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दो यात्रियों के पास से भारी मात्रा में जीवित जीव-जंतुओं को बरामद किया है, जिन्हें बहुत ही शातिर तरीके से छिपाकर लाया जा रहा था।
खाद्य पैकेटों में छिपाकर लाए जा रहे थे बेहोश जीव
विशिष्ट खुफिया सूचना मिलने के बाद डीआरआई के अधिकारियों ने 26 अक्टूबर 2026 को कार्रवाई की। इस दौरान कोलंबो के रास्ते बैंकॉक से आ रहे दो भारतीय यात्रियों को त्रिची हवाई अड्डे पर रोका गया। यात्रियों के सामान की जब गहनता से तलाशी ली गई, तो अधिकारियों को 27 खाद्य पैकेट मिले। इन पैकेटों के अंदर हैरान करने वाली बात यह थी कि जीवित सरीसृप पूरी तरह से बेहोश अवस्था में छिपाए गए थे, ताकि किसी को इनकी भनक न लग सके। सीमा शुल्क विभाग के सहयोग से इस पूरे खुफिया अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
विभिन्न प्रजातियों के 45 सरीसृप बरामद और दो गिरफ्तार
अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए कुल 45 जीवित सरीसृपों में विभिन्न दुर्लभ और विदेशी प्रजातियां शामिल थीं। इनमें 23 कॉर्न स्नेक, 16 बॉल पायथन, 5 अर्जेंटीना ब्लैक एंड व्हाइट टेगु और 1 स्नो व्हाइट इगुआना शामिल पाया गया। इन सभी बरामद वन्यजीवों को तुरंत जब्त कर लिया गया। इसके बाद त्रिची स्थित एआईयू ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोनों आरोपित यात्रियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आगे की कानूनी और आवश्यक कार्रवाई के लिए इन वन्यजीवों को संबंधित इकाई को सौंप दिया गया है। डीआरआई की इस प्रकार की सख्त और समन्वित कार्रवाइयों से देश के भीतर वन्यजीवों की अवैध आवाजाही और तस्करी के नेटवर्क को करारा झटका लगा है तथा विभाग की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट होती है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB






