नई दिल्ली | उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन में यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति (एएफईटी) के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डेविड मैकलिस्टर कर रहे थे। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के आपसी संबंधों में विभिन्न क्षेत्रों के भीतर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने इन संबंधों को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने के लिए भारत तथा यूरोपीय संघ के नेतृत्व का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
भारत और यूरोपीय संघ की साझा साझेदारी और व्यापार
चर्चा के दौरान उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों और खुली बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और यूरोपीय संघ विविध तथा बहुलतावादी समाजों का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों पक्षों का मुख्य हित एक मजबूत और लचीली बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था का निर्माण करना है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत और यूरोपीय संघ मिलकर करीब 25 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के संयुक्त बाजार और लगभग दो अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को ‘सभी समझौतों की जननी’ बताते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महत्वपूर्ण समझौते पर इसी वर्ष हस्ताक्षर हो जाएंगे और इसके लिए उन्होंने यूरोपीय संसद से आवश्यक सहयोग भी मांगा।
प्रौद्योगिकी सहयोग और अन्य बैठकें
प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने उच्चस्तरीय रणनीतिक समन्वय में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने प्रतिष्ठित ‘होराइजन यूरोप’ कार्यक्रम में भारत की भागीदारी से जुड़ी वार्ताओं के संपन्न होने पर संतोष प्रकट किया। इस अवसर पर बैठक में राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा (भारत-जर्मनी संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष), सुरेंद्र सिंह नागर (भारत-पोलैंड संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष), अमर पाल मौर्य (भारत-पोलैंड संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष) और पी. टी. उषा (भारत-जर्मनी संसदीय मैत्री समूह की अध्यक्ष) भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राज्यसभा के सभापति ने स्पेन में हुए दुखद रेल हादसे पर अपनी गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB





