नई दिल्ली | भारत और मैक्सिको ने अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरीयतापूर्ण व्यापार समझौते (पीटीए) पर बातचीत के लिए कार्य क्षेत्र संबंधी शर्तों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते से दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक रूपरेखा, दायरा, तौर-तरीके और योजना तय हो गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों राष्ट्रों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा करना है। इस पहल के साथ ही एक ऐसे संतुलित और फायदेमंद पीटीए के लिए औपचारिक बातचीत शुरू हो गई है, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और एक मजबूत तथा विविध आपूर्ति श्रृंखला बनाने की पूरी क्षमता मौजूद है।
व्यापारिक क्षेत्र और उच्च स्तरीय बैठकें
यह महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल जून 2025 में कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डॉ. क्लाउडिया शिनबाम के बीच हुई बातचीत का परिणाम है। वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल की यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की। यह चर्चा मेक्सिको के विदेश व्यापार उप मंत्री लुइस रोसेंडो गुटिरेज़ रोमानो के साथ हुई, जिन्होंने आर्थिक मामलों के मंत्री मार्सेलो एब्रार्ड कासाबोन का प्रतिनिधित्व किया था। कार्य क्षेत्र की इन शर्तों में बाजार तक पहुंच, उत्पत्ति के नियम, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं, विवाद निपटान और व्यापार सुगमता जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
सहयोग के नए क्षेत्र और भविष्य की योजनाएं
प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों अर्थव्यवस्थाओं की एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं का पूरा लाभ उठाना है। ऑटोमोटिव, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि-खाद्य, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, चिकित्सा उपकरण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके अलावा, दोनों पक्षों ने साल 2027 की पहली तिमाही में मेक्सिको के एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल को भारत भेजने की संभावना पर भी चर्चा की है। यह प्रस्तावित मिशन व्यवसायों के बीच बी2बी बैठकों को आसान बनाएगा और दोनों देशों के उत्पादक क्षेत्रों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करेगा।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB







