नई दिल्ली | भारत की राजधानी नई दिल्ली में 26 से 27 अक्टूबर 2026 के दौरान 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण सम्मेलन का मुख्य विषय “जन-केंद्रित विकास हेतु संसदों का सुदृढ़ीकरण” रखा गया था। इस मंच में ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात की संसदों के पीठासीन अधिकारियों तथा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सहयोग और विकास के नए आयाम
बैठक के दौरान सदस्य देशों ने वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का पूर्ण समर्थन किया, जिसका विषय “रेजिलिएंस, नवोन्मेष, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी का सुनिश्चय” है। प्रतिनिधियों ने राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, वित्तीय और सांस्कृतिक क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया। इसके अलावा, 12-13 सितंबर 2026 को आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और नई दिल्ली नेताओं की घोषणा का स्वागत किया गया। मंच पर ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने और अंतर-संसदीय सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
आतंकवाद और तकनीकी विकास पर चर्चा
सम्मेलन में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई और 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया गया। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकियों (आईसीटी) के सुरक्षित और समावेशी उपयोग पर जोर दिया गया। सभा ने जलवायु परिवर्तन से निपटने, सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने और वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। अंत में भारत की संसद द्वारा प्रदान किए गए आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया गया और वर्ष 2027 में चीन की अध्यक्षता में अगली बैठक होने की उम्मीद जताई गई।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB








