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सीएक्यूएम ने अमृतसर और तरनतारन में पराली प्रबंधन उपायों की समीक्षा की

धान के खेत में पराली प्रबंधन का दृश्य

नई दिल्ली | वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय टीम ने पंजाब के अमृतसर और तरनतारन जिलों के उपायुक्तों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य धान की पराली के व्यापक प्रबंधन के लिए उठाए जा रहे कदमों की जांच करना और पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह से समाप्त करना था। आयोग ने दोनों जिलों में खेत के अंदर और बाहर दोनों प्रकार के अवशेष प्रबंधन की मौजूदा सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का बारीकी से आकलन किया। आग लगने की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के वास्ते कड़े और पुख्ता प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। तरनतारन में पराली जलाने की सबसे अधिक घटनाएं सामने आने के बाद वहां के उपायुक्त को इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की चेतावनी दी गई है।

औद्योगिक उपयोग और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति

आयोग ने निर्देश दिया है कि ताप विद्युत संयंत्रों, ईंट-भट्ठों और अन्य उद्योगों में ईंधन के रूप में धान की पराली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में विशेष नोडल अधिकारियों को नियुक्त करने को कहा गया है, जिनकी यह जिम्मेदारी होगी कि वे उद्योगों में पराली के वास्तविक उपयोग की नियमित निगरानी कर अनुपालन रिपोर्ट सौंपें। इस उच्च-स्तरीय टीम ने अपने दौरे के दौरान अमृतसर के एक औद्योगिक परिसर में इंडस्ट्रियल बॉयलर का भी निरीक्षण किया, जहां पराली से बने छर्रों या पैलेट्स का ईंधन के तौर पर सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। आयोग का मानना है कि इस तरह के व्यावहारिक और उपयोगी मॉडलों को बड़े पैमाने पर लागू करने से अवशेष प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी।

प्रशासनिक तालमेल और किसानों तक पहुंच

जमीनी स्तर पर समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से गांवों का दौरा करें। प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जरूरी मशीनरी और पराली प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं किसानों तक समय पर पहुंचें। इसके अलावा, जिला प्रशासन, किसानों, कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) और मशीनरी उपलब्ध कराने वालों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करने की बात कही गई है ताकि किसान बिना किसी देरी के इन समाधानों का लाभ उठा सकें। आयोग ने साफ किया है कि प्रभावी कदम उठाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विफलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसके लिए सख्त कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारी तय की जाएगी।

Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India

Photo: PIB

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