नई दिल्ली | भाकृअनुप–केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CIRCOT), मुंबई ने 22 अक्टूबर 2026 को कपास चुनने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षात्मक दस्ताने वाली प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण हेतु मैसर्स ट्रस्ट एआरएस रबर प्राइवेट लिमिटेड, चेंगलपट्टू के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों की सुरक्षा और कार्य स्थितियों में सुधार करना है।
श्रमिकों की सुरक्षा और दस्तानों की विशेषताएं
इस नई तकनीक का विकास फसल की कटाई और तुड़ाई के दौरान कपास चुनने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और बचाव को बढ़ाने के लिए किया गया है। विशेष रूप से डिजाइन किए गए ये दस्ताने कपास के नुकीले सहपत्रों (ब्रोक्ट्स) से होने वाली चोटों से श्रमिकों के हाथों की रक्षा करते हैं, साथ ही उन्हें आवश्यक लचीलापन और आराम भी प्रदान करते हैं। इसके अलावा, इन दस्तानों का पुन: उपयोग योग्य होना (reusable) और इनका टिकाऊ निर्माण इन्हें कृषि क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों में बार-बार उपयोग के लिए बेहद उपयुक्त बनाता है।
व्यावसायीकरण और उद्योग-अनुसंधान साझेदारी
इस प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिलने और बाजार में इन दस्तानों की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित होने की पूरी उम्मीद है, जिससे सीधे तौर पर कपास किसानों और कृषि श्रमिकों को लाभ पहुंचेगा। उपयुक्त सुरक्षात्मक उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देकर इस पहल का मुख्य उद्देश्य हाथों में लगने वाली चोटों को कम करना, कार्य स्थितियों में सुधार लाना और सुरक्षित तुड़ाई प्रथाओं को बढ़ावा देना है, जिससे कृषि श्रमिकों के समग्र कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह सहयोग उद्योग-अनुसंधान साझेदारी को मजबूत करने और भाकृअनुप-सिरकॉट (ICAR-CIRCOT) के तकनीकी नवाचारों को कृषि क्षेत्र के लिए व्यावहारिक समाधानों में बदलने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। इस साझेदारी के माध्यम से संस्थान अपनी उन प्रतिबद्धताओं को दोहराता है जो मैदानी स्तर की चुनौतियों का समाधान करती हैं और कपास मूल्य श्रृंखला से जुड़े हितधारकों की आजीविका में सुधार करती हैं।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB





