नई दिल्ली | युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत ‘एमवाई भारत’ राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियान’ के छठे सप्ताह के तहत देशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीण समुदायों तक अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए ‘ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस’ मनाया गया, जिससे इस पहल को शैक्षणिक संस्थानों से आगे ग्रामीण स्तर तक विस्तारित किया जा रहा है।
पारंपरिक खेलों और स्वच्छता अभियानों में उमड़े ग्रामीण
एनएसएस निदेशालय और 15 एनएसएस क्षेत्रीय निदेशालयों के माध्यम से यह पहल 160 से अधिक संस्थानों और उनके गोद लिए गए गांवों में कार्यान्वित की गई। इस आयोजन में युवाओं, ग्राम पंचायत सदस्यों, ग्रामीण बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों समेत 80,000 से अधिक लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन गतिविधियों का संचालन दूसरे माह के निर्धारित विषय ‘स्वस्थ युवा, नशामुक्त युवा (शक्ति एवं सेवा)’ के अंतर्गत हुआ। इस दौरान एनएसएस इकाइयों द्वारा कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी और कुश्ती जैसे स्थानीय और पारंपरिक खेल टूर्नामेंट आयोजित किए गए, जिनमें 21,500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर टीम वर्क और स्वस्थ मनोरंजन को बढ़ावा दिया।
सामुदायिक सेवा और लैंगिक समावेशिता पर जोर
ग्राम सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत एनएसएस स्वयंसेवकों और ग्राम पंचायतों ने मिलकर गांव की गलियों की सफाई, सार्वजनिक कुओं व हैंडपंपों के आसपास स्वच्छता और पौधरोपण जैसे सेवा कार्य किए, जिसमें 19,800 से अधिक लोगों ने भाग लिया। यह प्रयास एनएसएस के ‘मैं नहीं, तुम’ आदर्श वाक्य को चरितार्थ करता है। इसके साथ ही, स्वस्थ जीवन शैली पर आधारित जागरूकता कार्यक्रमों और युवाओं के नेतृत्व वाले संवादों में 18,600 से अधिक लोग शामिल हुए। इस पूरे अभियान के दौरान 29,500 से अधिक युवा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी दर्ज की गई, जो इसमें लैंगिक समावेशिता के मजबूत पक्ष को दर्शाती है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB





