नई दिल्ली | केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान वय वंदना’ योजना ने अपने दो साल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। प्रधानमंत्री द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को शुरू की गई इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य देश के वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह योजना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के दायरे का विस्तार करती है, जिसके तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के प्रत्येक नागरिक को उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।
स्वास्थ्य कवरेज और वित्तीय सुरक्षा
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा कार्यान्वित यह योजना देश भर के लगभग 4.5 करोड़ परिवारों से जुड़े करीब 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मजबूत वित्तीय सुरक्षा दे रही है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक माध्यमिक एवं तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवरेज के पात्र हैं। जो परिवार पहले से एबी पीएम-जेएवाई के दायरे में हैं, उनके 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त टॉप-अप कवर उपलब्ध कराया गया है।
अस्पताल दाखिले और प्रमुख उपचार
20 अक्टूबर 2026 तक इस पहल के अंतर्गत 23.46 लाख अस्पताल में भर्ती होने के मामलों को मंजूरी दी गई है, जिनका कुल मूल्य 5,668.80 करोड़ रुपये है। मोतियाबिंद की सर्जरी इस योजना के तहत सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली प्रक्रिया रही है, जिसके तहत 4.71 लाख उपचारों को मंजूरी मिली है। इसके अलावा, क्रोनिक हेमोडायलिसिस के लगभग 2.90 लाख उपचार किए गए हैं। स्वीकृत उपचारों के मूल्य के मामले में परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) का हिस्सा सबसे बड़ा है, जिसके लिए लगभग 649 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि वरिष्ठ नागरिक बिना किसी वित्तीय बाधा के सम्मान और सुरक्षा के साथ आवश्यक अस्पताल उपचार प्राप्त कर सकें।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB





