नई दिल्ली | बठिंडा स्थित अल्ट्राटेक के प्रबंधन और श्रमिक संघों के बीच 14 अक्टूबर 2026 को दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय के अधीन जालंधर स्थित सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के प्रभावी सुलह प्रयासों के परिणामस्वरूप यह सफलता हासिल हुई है। श्रमिकों के कल्याण और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
समझौते से कर्मचारियों को होगा वित्तीय लाभ
भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीआईटीयू) और ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) के साथ इन समझौतों को संपन्न किया गया है। इन समझौतों के माध्यम से अगले पांच वर्षों में कुल 217 श्रमिकों को लगभग 3.36 करोड़ रुपए का वित्तीय लाभ मिलने की पूरी आशा जताई गई है। इसके अलावा, समझौतों की एक खास विशेषता यह है कि तय किए गए लाभों को वर्ष की दूसरी तिमाही से पूर्वव्यापी रूप से लागू किए जाने का प्रावधान रखा गया है।
श्रमिक कल्याण और औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा
यह पूरी प्रक्रिया प्रबंधन तथा श्रमिक प्रतिनिधियों के आपसी सहयोग और रचनात्मक संवाद के जरिए संभव हो पाई है, जिसमें जालंधर स्थित मुख्य श्रम आयुक्त कार्यालय की सक्रिय भागीदारी रही है। इस प्रकार के सफल समाधान सामूहिक सौदेबाजी को बढ़ावा देने और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य हल निकालने में प्रभावी सुलह के महत्व को भली-भांति दर्शाते हैं। केंद्र सरकार का श्रम और रोजगार मंत्रालय श्रमिकों के हितों की रक्षा करने और औद्योगिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को सुगम बनाने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB





