नई दिल्ली | महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण बैठक नई दिल्ली के नेताजी नगर स्थित जीपीओए-3 में संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने की। इस उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ समिति के लिए मनोनीत किए गए संसद सदस्य और गैर-सरकारी सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मंत्रालय के अंतर्गत राजभाषा नीति के पालन और उसकी प्रगति का जायजा लेना था।
लोकतांत्रिक संवाद और सुशासन का सशक्त माध्यम है हिंदी
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा भर नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतांत्रिक संवाद, जनभागीदारी और सुशासन का एक बहुत ही सशक्त माध्यम है। मंत्री महोदया ने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि सरकारी कामकाज के दौरान उपयोग में लाई जाने वाली हिंदी सरल, सहज और आम जनता के लिए पूरी तरह से बोधगम्य होनी चाहिए। ऐसा होने से सरकार की सभी कल्याणकारी और विकासात्मक नीतियां समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बहुत ही आसानी से पहुंच सकेंगी।
राजभाषा नीति के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान मंत्रालय के विभिन्न प्रभागों, सांविधिक निकायों और स्वायत्तशासी निकायों में राजभाषा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस उच्च स्तरीय समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि पिछले कुछ समय के अंतराल में हिंदी भाषा में होने वाले पत्राचार, डिजिटल संचार माध्यमों के उपयोग और आधिकारिक वेबसाइटों पर द्विभाषी उपलब्धता के मामलों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। समिति के सभी सदस्यों ने इस दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB





