नई दिल्ली | भारत की समृद्ध प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, संस्कृति मंत्रालय ने फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय यानी बिब्लियोथेक नेशनेल डी फ्रांस (बीएनएफ) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐतिहासिक समझौता 26 अक्टूबर 2026 को पेरिस में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य देश की पांडुलिपि संबंधी विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण और अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करना है। इस साझेदारी के माध्यम से दोनों देशों के बीच तकनीकी और विद्वतापूर्ण आदान-प्रदान के नए रास्ते खुलेंगे।
ज्ञान भारतम् मिशन और प्रमुख सहयोग के क्षेत्र
यह पूरा सहयोग ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के अंतर्गत आगे बढ़ाया जा रहा है। इस साझेदारी में संस्कृति मंत्रालय के साथ-साथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अभिलेखागार, कोलकाता स्थित राष्ट्रीय पुस्तकालय और बीएनएफ सीधे तौर पर शामिल हैं। यह समझौता पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें डिजिटलीकरण, राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी पर साझाकरण, प्रौद्योगिकी का आदान-प्रदान, संरक्षण तथा अनुसंधान एवं विकास शामिल हैं। इसके तहत बीएनएफ के पास मौजूद भारतीय मूल की पांडुलिपियों और संग्रहों की विशेष रूप से पहचान की जाएगी और उन्हें डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
विशेषज्ञता और तकनीकी उपकरणों का आदान-प्रदान
समझौते के तहत दोनों पक्ष डिजिटलीकरण और संरक्षण तकनीकों, कैटलॉगिंग संबंधी मानकों, और भारतीय लिपियों के लिए ओसीआर/एचटीआर उपकरणों के विकास में मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही, संयुक्त कार्यशालाओं, क्षमता-विकास कार्यक्रमों, शोध पहलों, प्रकाशनों, प्रदर्शनियों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान की भी योजना बनाई गई है। ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ की राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी को दुनिया भर में मौजूद भारतीय मूल की पांडुलिपियों और भारतीय ज्ञान प्रणालियों के एक सुरक्षित डिजिटल भंडार के रूप में तैयार किया गया है, जो शोधार्थियों और विद्वानों को अनुमति-आधारित व्यवस्थित पहुंच प्रदान करता है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB






