नई दिल्ली | केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने ओडिशा के भुवनेश्वर में दूसरे राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन का उद्घाटन किया। 24 और 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य शहरी प्रणालियों, समाधानों और वितरण पर पुनर्विचार करना है। इस दो दिवसीय आयोजन में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, ओडिशा सरकार के सहयोग से काम कर रहा है, जबकि राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान (एनआईयूए) इसका ज्ञान भागीदार है। इस सम्मेलन में देश भर से 1200 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
सम्मेलन के प्रमुख बिंदु और योजनाएं
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने देश के लगातार हो रहे शहरी परिवर्तन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत की शहरी आबादी 2011 के लगभग 37.7 करोड़ से बढ़कर लगभग 50 करोड़ हो गई है और इसके 2036 तक 60 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी अपने विचार रखे और राज्य के नियोजित शहरीकरण तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न सत्रों में ‘चलने के अधिकार’, ‘जल, अपशिष्ट और संसाधन दक्षता’ और ‘किफायती आवास’ जैसे सात महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
विभिन्न पहलों का शुभारंभ
इस महत्वपूर्ण मंच पर कई नई पहलों, पोर्टलों और प्रकाशनों का ई-शुभारंभ भी किया गया। इनमें अर्बन इन्वेस्ट विंडो (यूआईडब्ल्यूआईएन) जर्नल, सीपीएचईईओ के लिए ‘सामर्थ्य’ प्लेटफॉर्म, ‘अंकुर’ हैंडबुक, और ओडिशा नगर नियोजन हैंडबुक शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) से जुड़ी ई-बुक और मोबाइल एप्लिकेशन का भी अनावरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने शहरी विकास के लिए नए वित्तीय उपायों, जैसे अर्बन चैलेंज फंड और क्रेडिट पुनर्भुगतान गारंटी योजना के बारे में भी जानकारी दी।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB







