नई दिल्ली | केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के करनाल जिले के ऐतिहासिक तरावड़ी से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित किसान चौपाल में केंद्रीय मंत्री ने अन्नदाताओं से सीधा संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, स्थानीय विधायक, आईसीएआर व एनडीआरआई के शीर्ष कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
रासायनिक खादों और प्राकृतिक खेती पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी खाद का अंधाधुंध विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि इसके संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे देखा-देखी खाद डालने की होड़ से बाहर निकलें और स्वाइल हेल्थ कार्ड के आधार पर ही मिट्टी की जांच कराकर आवश्यकतानुसार संतुलित पोषण दें। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती को लेकर अपने निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जीवामृत, घनजीवामृत और बीजामर्थ का सही अनुपात और सही समय पर उपयोग ही इसकी सफलता की कुंजी है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे कम से कम एक एकड़ जमीन से विधिपूर्वक इसकी शुरुआत करें।
पराली प्रबंधन और उन्नत पशुपालन पर चर्चा
चौपाल के दौरान किसानों ने देसी गायों के संरक्षण, दुग्ध मूल्य और लिंग-वर्गीकृत वीर्य तकनीक का विषय उठाया, जिस पर वैज्ञानिकों की उपस्थिति में उचित आश्वासन दिया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस वर्ष हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में आई भारी गिरावट और किसानों की सजगता की दिल खोलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सुपर सीडर जैसी तकनीकों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण की जो मिसाल हरियाणा के किसानों ने पेश की है, वह पूरे देश के लिए अनुकरणीय है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB







