नई दिल्ली | तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ब्रॉडबैंड सेवाओं में तेजी लाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दूरसंचार विभाग के अंतर्गत आने वाली ‘डिजिटल भारत निधि’ (डीबीएन) ने नई दिल्ली स्थित संचार भवन में एक ‘उपयोग समझौता’ संपन्न किया है। इस समझौते के जरिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के तहत राज्य-संचालित मॉडल के माध्यम से तमिलनाडु के ग्रामीण परिवारों को जोड़ा जाएगा। इस पहल से राज्य के दूरदराज इलाकों में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच को एक नई गति मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण परिवारों को मिलेंगे फाइबर कनेक्शन
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड कर सभी ग्राम पंचायतों और गांवों को मजबूत ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करना है। इस नए समझौते के अंतर्गत भारत सरकार वित्तीय सब्सिडी सहायता उपलब्ध कराएगी। इस वित्तीय मदद से तमिलनाडु में पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों में फाइबर कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य के 4,767 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी, जिससे अंतिम मील तक संपर्क मजबूत होगा। इन सेवाओं के विस्तार से ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन और डिजिटल भुगतान जैसी नागरिक सेवाएं ग्रामीण स्तर पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
समझौता समारोह और डिजिटल भारत निधि की भूमिका
इस ऐतिहासिक हस्ताक्षर समारोह का आयोजन डिजिटल भारत निधि की प्रशासक श्यामला मिश्र की उपस्थिति में किया गया। इस कार्यक्रम में तमिलनाडु सरकार के कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अतुल आनंद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इसके अलावा, बीएसएनएल के निदेशक (एंटरप्राइज बिजनेस) पापा सुधाकर राव, तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन की महाप्रबंधक वी. वल्लीदेवी और दूरसंचार विभाग के डीडीजी दिनेश कुमार गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे। ज्ञात हो कि पूर्व में यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) के रूप में जानी जाने वाली डिजिटल भारत निधि की स्थापना 1 अप्रैल 2002 को हुई थी, जो दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत अब डीबीएन के रूप में कार्यरत है। यह निधि देश के ग्रामीण, दूरदराज और शहरी क्षेत्रों में जहां सेवाएं पर्याप्त नहीं हैं, वहां डिजिटल और दूरसंचार सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ावा देने का कार्य करती है।
Source: Press Information Bureau (PIB), Government of India
Photo: PIB






